उपभोग | उपभोग का अर्थ | Upbhog |उपभोग की कुछ प्रमुख परिभाषाएँ | उपभोग की परिभाषा के आवश्यक तत्व | उपभोग के प्रकार | उपभोग तथा विनाश में अन्तर | उपभोग का महत्व| BY- MPBOARD.NET | 2024

उपभोग | उपभोग का अर्थ |उपभोग की कुछ प्रमुख परिभाषाएँ | उपभोग की परिभाषा के आवश्यक तत्व | उपभोग के प्रकार | उपभोग तथा विनाश में अन्तर | उपभोग का महत्व|

“उपभोग” (UPBHOG)  उपभोग का अर्थ (Upbhog ka arth)- उपभोग का सामान्य अर्थ, बस्तु का उपभोग करना है। वस्तु के उपभोग से वस्तु पूर्णतः नष्ट हो आती है, ऐसा समझा जाता है, परन्तु ऐसा नहीं है। मनुष्य न तो किसी वस्तु का निर्माण कर सकता है और न ही किसी वस्तु को नष्ट कर सकता है। … Read more

भारतीय आर्थिक चिन्तक | कौटिल्य, गाँधी,दादाभाई नौरोजी,मोहनदास करमचंद गाँधी,पंडित जवाहरलाल,दीनदयाल उपाध्याय, Class 12 h ,Economics, BY-MPBOARD

भारतीय आर्थिक चिन्तक | कौटिल्य का आर्थिक चिंतन | गाँधी भारतीय आर्थिक चिंतक दादाभाई नौरोजी का आर्थिक चिन्तन | मोहनदास करमचंद गाँधी आर्थिक चिन्तन | पंडित जवाहर लाल | दीनदयाल उपाध्याय का आर्थिक चिन्तन | BY-MPBOARD.NET

भारतीय आर्थिक चिन्तक Bhartiye aarthik chintak   कौटिल्य (Koutilya) – भारतीय आर्थिक चिंतकों में कौटिल्य का स्थान महत्वपूर्ण एवं सर्वोपरि है. कौटिल्य को विष्णु गुप्त के नाम से भी जाना जाता है | वे चाणक्य नाम  नाम से भी जाना जाता है | वे चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री और प्रमुख परामर्शदाता थे। शासन विधि के … Read more